लखनऊ के चिनहट इलाके में स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में मरीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक मोहित यादव के भाई रोहित यादव का आरोप है कि जब उन्हें भर्ती कराया गया था, तब मोहित पूरी तरह स्वस्थ थे।
माहिति के अनुसार, मोहित यादव शराब के आदी थे और उनकी लत छुड़ाने के लिए उन्हें दो महीने पहले चिनहट स्थित नशा मुक्ति केंद्र और निश्चय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त को मोहित को डिस्चार्ज कर घर लाया गया, लेकिन घर आने के बाद उनकी शराब पीने की आदत फिर से शुरू हो गई। इसके बाद अस्पताल में शिकायत की गई और मोहित को पांच दिन के लिए फिर से एडमिट कराने की सलाह दी गई।
31 अगस्त की रात अस्पताल की टीम ने मोहित को अपने साथ ले लिया। मंगलवार रात लगभग 10 बजे अस्पताल मालिक रत्नाकर तिवारी ने रोहित और उनकी मां को कॉल किया और कहा कि मोहित की तबीयत खराब है। आनन-फानन में परिवार अस्पताल पहुंचे तो मोहित मृत पाए गए। डॉक्टर ने बताया कि उनकी मौत आधे घंटे पहले हुई थी।
मौत के बाद मोहित के शरीर पर कई गंभीर चोटें पाई गईं। उनके भाई रोहित का कहना है कि नशा मुक्ति केंद्र में नशा छुड़ाने के नाम पर पीटा गया, जिसके कारण उनकी मौत हुई। पीड़ित ने चिनहट थाने में तहरीर देकर मामले की जांच की मांग की है।
इस घटना ने लखनऊ में नशा मुक्ति केंद्रों की सुरक्षा और संचालन के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का कहना है कि मोहित अस्पताल आने से पहले पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन केंद्र में भर्ती होने के बाद उनके शरीर पर गंभीर चोटें मिलीं।






