लखनऊ कलेक्ट्रेट घेराव: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन, PM को भेजेंगे ज्ञापन
लखनऊ कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “शंकराचार्य पर अत्याचार बंद करो” और “संतों का अपमान बंद करो” जैसे नारे लगाए।कांग्रेस ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने का ऐलान किया है।
भाजपा सरकार पर संतों को प्रताड़ित करने का आरोप
कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार पर संतों और धार्मिक नेताओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और कथित दुर्व्यवहार धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है।कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है।
प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर राज्यव्यापी प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर सभी जिला और शहर इकाइयों को प्रदर्शन करने के लिए कहा गया है। इसी क्रम में लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन संतों के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
कलेक्ट्रेट में नारेबाजी, PM को सौंपेंगे ज्ञापन
बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की। “शंकराचार्य का अपमान बंद करो” और “साधु-संतों का सम्मान करो” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि शंकराचार्य के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया है और इसे वापस लिया जाना चाहिए। पार्टी ने साफ किया कि जिलाधिकारी के माध्यम से यह ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा।
संविधान का हवाला, अनुच्छेद 25-26 का जिक्र
कांग्रेस ने संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का हवाला देते हुए धार्मिक स्वतंत्रता की बात उठाई। पार्टी ने पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।








