उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए हैं। देर रात हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि संविधान के प्रावधानों और आरक्षण रोस्टर में किसी भी तरह की लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरक्षण से जुड़े सभी नियमों का अक्षरशः पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग को उसका संवैधानिक अधिकार देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
लेखपाल भर्ती शिकायतों पर सख्त रुख
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लेखपाल भर्ती प्रक्रिया में मिली शिकायतों का संज्ञान लिया। इस संबंध में राजस्व परिषद के चेयरमैन को कड़ी चेतावनी दी गई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
7,994 लेखपाल पद खाली, तत्काल जांच के आदेश
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 7,994 लेखपाल पद रिक्त हैं। इस पर सीएम योगी ने इन पदों की संख्या की तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल आरक्षण का पूरी तरह पालन होना चाहिए।
वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल आरक्षण पर स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्टिकल आरक्षण के तहत
27% OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग)
21% SC (अनुसूचित जाति)
2% ST (अनुसूचित जनजाति)
का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। इसके साथ ही दिव्यांगजन, महिलाओं और पूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित हॉरिजॉन्टल आरक्षण किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए।








