दक्षिणी राज्य केरल इन दिनों लिवर को नुकसान पहुंचाने वाली संक्रामक बीमारी की चपेट में है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में हेपेटाइटिस-A के मामलों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है।आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिसंबर के आखिरी हफ्ते तक 31,536 मामले सामने आए हैं, जबकि 82 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
दूषित पानी और खराब स्वच्छता बनी बड़ी वजह
न्यूज रिपोर्ट्स बताती हैं कि संक्रमण के पीछे प्रमुख कारण:
भूमिगत जल स्रोतों में बढ़ा प्रदूषण
साफ-सफाई की कमी
कमजोर पब्लिक हेल्थ सिस्टम हैं। इन्हीं वजहों से कई इलाकों में संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
Hepatitis-A क्या है और क्यों है खतरनाक?
हेपेटाइटिस-A एक वायरल लिवर इंफेक्शन है, जो:
दूषित खाना
दूषित पानी
संक्रमित व्यक्ति के करीबी संपर्क से फैलता है।
यदि समय पर इलाज और सावधानी न बरती जाए, तो यह लिवर फेलियर तक का कारण बन सकता है।
लक्षण जिन पर तुरंत ध्यान देना जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हेपेटाइटिस-A में ये लक्षण दिख सकते हैं:
अत्यधिक थकान
मतली और उल्टी
पेट दर्द
बुखार
पीलिया (आंखों और त्वचा का पीला पड़ना)
आमतौर पर यह संक्रमण कुछ हफ्तों में ठीक हो जाता है, लेकिन गंभीर मामलों में जानलेवा भी हो सकता है।
युवाओं में बढ़ रहे मामले, बढ़ी चिंता
केरल से मिल रही जानकारी के मुताबिक पहले यह संक्रमण अधिकतर बचपन में देखा जाता था, लेकिन अब किशोरों और युवाओं में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है।
वैक्सीनेशन सबसे प्रभावी बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को हेपेटाइटिस-A वैक्सीन लगवाने की सलाह दी है। यह दो डोज की वैक्सीन होती है, जो लंबे समय तक संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है।
संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें?
हेपेटाइटिस-A से बचाव के लिए ये सावधानियां जरूरी हैं:
केवल उबला या शुद्ध पानी पिएं
खाना अच्छी तरह पकाकर खाएं
स्ट्रीट फूड से परहेज करें
भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ जरूर धोएं
संक्रमित व्यक्ति के साथ बर्तन या टॉयलेट साझा न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत में यह बीमारी फूड पॉइजनिंग जैसी लग सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना लिवर को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।








