Hijab Controversy: नीतीश कुमार के व्यवहार पर जावेद अख्तर नाराज़, बोले– बिना शर्त माफी मांगें
इन दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हिजाब विवाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के चेहरे से बुर्का हटाने की कोशिश किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तूल पकड़ गया। इस घटना पर कई सेलेब्रिटीज़ और सामाजिक हस्तियों ने नाराज़गी जाहिर की है। अब इस विवाद पर मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर की प्रतिक्रिया सामने आई है।
जावेद अख्तर ने X पर दी सफाई
जावेद अख्तर की प्रतिक्रिया तब आई, जब सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना बयान वायरल किया गया और यह दावा किया गया कि वह नीतीश कुमार के पक्ष में हैं। इस पर जावेद अख्तर ने X पर पोस्ट कर अपना पक्ष साफ किया।
उन्होंने लिखा कि जो लोग उन्हें जानते हैं, वे यह भी जानते हैं कि वह पर्दा प्रथा के पारंपरिक कॉन्सेप्ट के खिलाफ हैं। लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि वह नीतीश कुमार के एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के साथ किए गए व्यवहार को स्वीकार करते हैं। जावेद अख्तर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को उस महिला से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
SOA लिटरेरी फेस्टिवल का बयान फिर हुआ वायरल
यह सफाई उस समय आई, जब नवंबर में SOA Literary Festival 2025 के दौरान बुर्का और महिलाओं के पर्दा करने को लेकर दिया गया जावेद अख्तर का बयान दोबारा वायरल हो गया। इस वीडियो के वायरल होने का समय वही था, जब नीतीश कुमार का यह विवादित वीडियो सामने आया, जिससे राजनीतिक और सामाजिक बहस और तेज हो गई।
‘महिलाओं को अपने चेहरे से शर्म क्यों?’
फेस्टिवल में एक छात्र द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में जावेद अख्तर ने कहा था— “महिलाओं को अपने चेहरे पर शर्म क्यों महसूस करनी चाहिए?” उन्होंने सवाल उठाया कि चेहरे में ऐसा क्या है, जिसे ढकना जरूरी हो। जावेद अख्तर ने कहा कि वह शालीन कपड़ों के पक्षधर हैं, चाहे वह पुरुष हों या महिलाएं, लेकिन चेहरा ढकने की आवश्यकता पर सवाल खड़े किए।
बुर्का को बताया पीयर प्रेशर
जावेद अख्तर ने बुर्का पहनने को पीयर प्रेशर से जोड़ते हुए कहा कि कई बार यह सामाजिक दबाव का नतीजा होता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला को यह विकल्प दिया जाए कि वह बिना किसी दबाव के फैसला करे, तो शायद तस्वीर अलग हो।








