मौसम का मिजाज बदलते ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) की परीक्षा शुरू हो जाती है। ठंड से गर्मी की ओर बदलाव के दौरान बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम बदलने के बाद भी पुरानी डाइट जारी रखना ही सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और पाचन समस्याओं की बड़ी वजह बनता है।इसीलिए Seasonal Diet Tips अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि शरीर नए तापमान और वातावरण के अनुरूप खुद को ढाल सके।
बच्चों और बुजुर्गों को क्यों चाहिए खास पोषण?
बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता।
बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता उम्र के साथ कमजोर होने लगती है।
ऐसे में बदलते मौसम में दोनों आयु वर्ग को विशेष पोषण की आवश्यकता होती है।अगर भोजन में ताजे फल, पर्याप्त तरल पदार्थ और संक्रमण रोधी मसाले शामिल न हों, तो शरीर जल्दी बीमार पड़ सकता है।
बच्चों के लिए डाइट: ऊर्जा और सुरक्षा का संतुलन
बढ़ते बच्चों को इस मौसम में अतिरिक्त विटामिन-C और प्रोटीन की जरूरत होती है।
डाइट में शामिल करें:
संतरा, नींबू, आंवला
मौसमी फल
घर का बना सूप
दाल, पनीर, अंडा (यदि सेवन करते हों)
परहेज करें:
पैकेट बंद जूस
अधिक तला-भुना खाना
ठंडी बोतलबंद ड्रिंक्स
ये आहार बच्चों की इम्युनिटी मजबूत करते हैं और संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं।
तरल पदार्थ क्यों हैं जरूरी?
बदलते मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।
नारियल पानी
छाछ
नींबू पानी
सादा गुनगुना पानी
तरल पदार्थ शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालते हैं और पाचन बेहतर बनाते हैं।
इम्युनिटी बढ़ाने वाले मसाले
हल्दी
अदरक
तुलसी
काली मिर्च
इनका सीमित और नियमित सेवन संक्रमण से बचाव में मददगार होता है।








