बुलंदशहर नकली नोट मामला में बड़ा खुलासा हुआ है। यूपी के बुलंदशहर जिले में एक घर के भीतर रंगीन प्रिंटर से 500-500 रुपये के नकली नोट छापकर ग्रामीण बाजारों और छोटी दुकानों में खपाए जा रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से तैयार और अधछपे नकली नोट, प्रिंटर, बाइक और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
सब्जी विक्रेता को मिले संदिग्ध 500 के नोट
पूरे मामले की शुरुआत 23 फरवरी 2026 को नरौरा क्षेत्र के एक बाजार से हुई। एक सब्जी विक्रेता को 500 रुपये के संदिग्ध नोट मिले। नोट की बनावट पर शक होने पर दुकानदार ने थाना नरौरा में शिकायत दर्ज कराई।इसी आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की।
घर में चल रही थी नकली नोट छापने की यूनिट
मुखबिर की सूचना पर सिंचाई विभाग कॉलोनी के पास घेराबंदी कर तीन युवकों को हिरासत में लिया गया। तलाशी में 12 हजार रुपये के तैयार नकली नोट और 14 हजार रुपये के अधछपे नोट बरामद हुए।इसके अलावा एक कलर प्रिंटर, घटना में प्रयुक्त बाइक और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए।
जांच में सामने आया कि आरोपी जानबूझकर ऐसे स्थानों को निशाना बनाते थे जहां नकदी का लेन-देन तेज होता है और नोटों की गहन जांच कम की जाती है—जैसे सब्जी मंडी, छोटी दुकानें और पशु पेंठ।
50 लाख के बैंक लोन की योजना
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी 50 लाख रुपये का बैंक लोन लेने की तैयारी में था। आरोप है कि लोन की अदायगी नकली नोटों के जरिए करने की योजना बनाई गई थी।इसी क्रम में एक बैंक में “प्रॉपर्टी” के नाम से करंट खाता भी खुलवाया गया था। पुलिस अब बैंकिंग एंगल और खाते की गतिविधियों की जांच कर रही है।
डिजिटल साक्ष्य खंगाल रही पुलिस
बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। कॉल डिटेल और संभावित संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा है या स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय था।प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि नकली नोट मुख्य रूप से ग्रामीण बाजारों में खपाए जा रहे थे।








