IndiGo एयरलाइन में जारी बड़े परिचालन संकट के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए विंटर शेड्यूल की 5% उड़ानें कम करने का आदेश दिया है। यह निर्णय हाल के महीनों में लगातार हो रहे फ्लाइट कैंसिलेशन, रूट व्यवधान और पायलट ड्यूटी नियमों में बदलाव के चलते बढ़ी अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
विंटर शेड्यूल में बढ़ोतरी वापस, 5% उड़ानें घटाने का निर्देश
IndiGo को विंटर शेड्यूल के तहत 6% उड़ानें बढ़ाने की अनुमति मिली थी, लेकिन मौजूदा परिचालन स्थिति को देखते हुए मंत्रालय ने इसे वापस लेते हुए निर्देश दिया है कि एयरलाइन अपनी कुल उड़ानों में 5% कटौती करे।
यह आदेश सीधे तौर पर IndiGo के रूट प्लानिंग, हाई-डिमांड सेक्टरों और बार-बार उड़ान भरने वाले रूटों को प्रभावित करेगा।
DGCA का सख्त आदेश— क्षमता साबित नहीं कर पाई IndiGo
DGCA ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि IndiGo एयरलाइन अपने मौजूदा शेड्यूल को “कुशलतापूर्वक संचालित” करने में सक्षम नहीं दिखी है।DGCA के निर्देश में कहा गया:
“IndiGo सभी सेक्टरों में— विशेष रूप से High-Demand और High-Frequency रूटों पर— 5% उड़ानें कम करे, और किसी रूट पर सिर्फ Single-Flight Operation से बचने का प्रयास करे।”
10 दिसंबर 2025 तक नया शेड्यूल जमा करना अनिवार्य
DGCA ने IndiGo को निर्देश दिया है कि वह 10 दिसंबर 2025 शाम 5 बजे तक अपना संशोधित उड़ान शेड्यूल प्रस्तुत करे।सरकार का यह कदम संकेत देता है कि हाल के परिचालन व्यवधानों और यात्रियों को हो रही असुविधा को लेकर वह बिल्कुल सख्त रुख अपनाए हुए है।








