कोडीन कफ सिरप तस्करी: कथित किंगपिन शुभम जायसवाल का वीडियो, बेगुनाही का दावा
वाराणसी के कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले के कथित मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल ने पहली बार वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। ED और यूपी STF की तलाश से दूर रह रहे इस कथित किंगपिन ने 13 मिनट की “सुपर एक्सक्लूसिव गवाही” में खुद को बेगुनाह बताया और सभी आरोपों का खंडन किया।
जायसवाल का दावा—’मेरी सप्लाई से किसी बच्चे की मौत नहीं’
शुभम जायसवाल ने कहा कि सोशल मीडिया, न्यूज़ चैनलों और राजनीतिक मंचों पर उसके खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। आरोप है कि उसने जहरीला सिरप और नकली दवाएं सप्लाई की थीं, जिससे बच्चों की मौत हुई, लेकिन वह इसे पूरी तरह गलत बताता है। उसने कहा कि उसकी सप्लाई की गई Phensydil Cough Syrup न तो जहरीली है, न प्रतिबंधित, और यह नारकोटिक कैटेगरी में भी नहीं आती। उसका कहना है कि यह सामान्य खांसी की दवा है, जिसका निर्माण केंद्र सरकार द्वारा तय कोटे के आधार पर होता है।
मध्य प्रदेश की घटना से पल्ला झाड़ा
जायसवाल ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में जिन सिरप से बच्चों की मौत बताई गई, वह उसकी सप्लाई की गई दवा नहीं थी। उसने दावा किया कि वह केवल Abbott कंपनी की ओरिज़िनल सिरप सप्लाई करता था।
अखिलेश यादव पर निशाना—’सियासत न करें’
वीडियो के अंत में शुभम ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं से अपील की कि इस मामले में सियासत न करें और जनता को भ्रम में न डालें।उसका दावा है कि दवा बेचने के नियम स्पष्ट हैं—लाइसेंसधारी को ही बिक्री और भुगतान सिर्फ बैंक खाते में। उसने कहा कि उसका पूरा व्यापार Drug Act के अनुसार था।
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार
जायसवाल ने आरोप लगाया कि गाजियाबाद और सोनभद्र में पकड़ी गई दवा उसकी फर्म ‘शैली ट्रेडर्स’ की नहीं, बल्कि दिल्ली की एक कंपनी की थी। इसके साथ ही उसने ड्रग विभाग के कुछ अधिकारियों पर रिश्वत मांगने और साजिशन उसका नाम जोड़ने का आरोप भी लगाया।







