CM Yogi Japan Visit: यामानाशी में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा, 600 Km/h Maglev ट्रेन का रोमांचक सफर
CM Yogi Japan Visit के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के यामानाशी प्रांत में Green Hydrogen Plant का दौरा किया और पानी से हाइड्रोजन व बिजली बनाने की आधुनिक तकनीक को समझा। इसके साथ ही उन्होंने 600 किमी प्रति घंटा रफ्तार वाली Maglev Train में सफर कर भविष्य की परिवहन तकनीक का अनुभव लिया।
ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक का अवलोकन
यामानाशी, जो आधुनिक खेती और हाई-टेक इनोवेशन के लिए जाना जाता है, वहां मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित ग्रीन एनर्जी प्लांट का निरीक्षण किया।
पानी से हाइड्रोजन उत्पादन की प्रक्रिया समझी
स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य पर चर्चा की
निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया
यह दौरा उत्तर प्रदेश में Green Energy Investment को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साध्वी तुलसी से मुलाकात, संस्कृत मंत्रोच्चार
टोक्यो से यामानाशी जाते समय ‘तुलसी’ नाम की एक साध्वी ने अपने साथियों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि वे जापान में हिंदू और जैन धर्म का प्रचार कर रही हैं।एक छोटे बच्चे ने योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श कर संस्कृत में मंत्रोच्चार किया, जिससे मुख्यमंत्री प्रसन्न नजर आए। उन्होंने जापानी भक्तों को प्रसाद स्वरूप चॉकलेट भेंट की।
बच्चों ने लहराए भारत-जापान के झंडे
यामानाशी पहुंचने पर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भारत और जापान के झंडों के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया। योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के साथ समय बिताया और स्थानीय लोगों द्वारा भेंट की गई एक विशेष पेंटिंग भी स्वीकार की।
600 Km/h Maglev Train का अनुभव
मुख्यमंत्री ने यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर जापान की अत्याधुनिक Maglev Technology का अनुभव किया।
ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित है
पटरी से ऊपर उठकर चलती है
घर्षण लगभग समाप्त होने से 500–600 Km/h तक रफ्तार
सफर पूरी तरह स्मूद और झटकों से मुक्त
CM Yogi ने इस अनुभव को “भविष्य की यात्रा” बताया।
वर्तमान में जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन लगभग 300 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है, लेकिन मैग्लेव तकनीक इसे दोगुनी गति तक ले जाने की तैयारी में है।
माउंट फूजी पर सोशल मीडिया पोस्ट
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में माउंट फूजी को जापान की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का प्रतीक बताया। उन्होंने लिखा कि UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट माउंट फूजी को धूप वाले दिन देखना उनके लिए सौभाग्य की बात है।








