बरेली में निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के खिलाफ अब भीम आर्मी ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को भीम आर्मी और भारत एकता मिशन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट गेट पर एकत्र हुए और नए UGC नियमों के समर्थन में नारेबाजी की। इस दौरान संगठन ने अलंकार अग्निहोत्री की बर्खास्तगी और संपत्ति जांच की मांग उठाई।
भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव को सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि अलंकार अग्निहोत्री ने अपने कार्यकाल के दौरान पद का दुरुपयोग किया और कथित तौर पर जातिवादी मानसिकता के साथ काम किया। संगठन का कहना है कि उनके कार्यालय में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का चित्र तक नहीं लगाया गया था और आपत्ति के बावजूद इस पर कोई सुधार नहीं किया गया।
भीम आर्मी का आरोप है कि अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी कार्यालय को निजी कार्यालय की तरह इस्तेमाल किया और प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग कर समाज के एक वर्ग विशेष के हित में काम किया। इसके अलावा, व्हाट्सएप और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जाति आधारित नेटवर्क तैयार करने का भी आरोप लगाया गया है, जिसे प्रशासनिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताया गया।
गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री ने हाल ही में नए UGC नियमों का विरोध करते हुए इस्तीफा दिया था। उन्होंने सरकार पर सवर्ण विरोधी रवैया अपनाने और शंकराचार्य के शिष्यों के साथ कथित मारपीट के आरोप लगाए थे। इसके बाद पैदा हुए हाई-वोल्टेज राजनीतिक और सामाजिक विवाद के बीच प्रशासन ने उन्हें बरेली से हटाकर लखनऊ भेज दिया था।








