Avimukteshwaranand Case में दर्ज FIR के बाद प्रयागराज पुलिस ने सोमवार से जांच शुरू कर दी है। डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय विशेष टीम शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी और दोनों कथित पीड़ित शिष्यों के बयान दर्ज करने के लिए रवाना हुई।पुलिस ने माघ मेला शिविर के उस स्थान का नक्शा नजरी भी तैयार किया है, जहां कथित घटना होने का आरोप है।
मेडिकल जांच और साक्ष्य जुटाने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित पक्ष फिलहाल लखनऊ में मौजूद है। पुलिस पहले उनका मेडिकल परीक्षण कराएगी, उसके बाद कलमबंद बयान दर्ज किए जाएंगे।अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी पर निर्णय लिया जाएगा।
हाई प्रोफाइल केस के लिए स्पेशल टीम
इस संवेदनशील और हाई प्रोफाइल मामले को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित की है।
टीम में शामिल हैं:
डीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य
एसीपी झूंसी
इंस्पेक्टर झूंसी
अन्य दो पुलिस अधिकारी
पुलिस का मुख्य फोकस फिलहाल दोनों पीड़ितों तक पहुंचने और साक्ष्य सुरक्षित करने पर है।
अविमुक्तेश्वरानंद का बयान: ‘मठ के दरवाजे खुले हैं’
FIR दर्ज होने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि वे जांच से नहीं भागेंगे। उनका कहना है कि उनके मठ के दरवाजे पुलिस के लिए खुले हैं और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।गिरफ्तारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस जो उचित समझेगी, वही करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कई वकीलों ने उनका केस मुफ्त में लड़ने की पेशकश की है और उनकी लीगल टीम आगे की रणनीति पर विचार कर रही है।
शिकायतकर्ता के आपराधिक इतिहास पर सवाल
अविमुक्तेश्वरानंद ने इस मामले में पैरवी कर रहे आशुतोष महाराज के आपराधिक इतिहास पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि आशुतोष कांधला थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रह चुका है।उन्होंने कहा कि “जनता सब देख रही है और न्याय अंततः होगा।” साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव के बयानों को जनता की आवाज बताते हुए समर्थन किया।







