उत्तर प्रदेश में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के विवादित “एनकाउंटर का जवाब एनकाउंटर” बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है और मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। मेरठ में आयोजित ईद मिलन समारोह के दौरान दिए गए इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्षी दलों, खासकर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
इस पूरे मामले में यूपी पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए AIMIM के तीन नेताओं—महताब चौहान, इमरान अंसारी और राजी सिद्दीकी—को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के खिलाफ भी FIR दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए मेरठ से लेकर लखनऊ तक छापेमारी की जा रही है। पुलिस अन्य नामजद आरोपियों की भी तलाश में जुटी है और कार्यक्रम से जुड़े वीडियो सबूत भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह बयान कानून-व्यवस्था के लिए खतरा और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है, जिसके आधार पर लोहिया नगर थाने में केस दर्ज किया गया। इसके अलावा यह भी पाया गया कि ईद मिलन समारोह बिना प्रशासनिक अनुमति के आयोजित किया गया था, जिस पर आयोजकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
मेरठ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनावी माहौल या धार्मिक कार्यक्रमों की आड़ में नफरत फैलाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





