लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दिवाली पर मुफ्त LPG सिलेंडर, अग्निवीरों को चार विभागों में भर्ती के दौरान 20 प्रतिशत आरक्षण और आयु सीमा में छूट, किसानों के लिए धान खरीद नीति और 1,725 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं
कैबिनेट बैठक में रोजगार, किसान कल्याण, महिला सशक्तीकरण, शहरी परिवहन, स्टार्टअप और तकनीक से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लगी। सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,142.78 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। वहीं, अग्निवीरों को प्रदेश के पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभागों में संबंधित सिपाही पदों की भर्ती में आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
इन फैसलों का असर प्रदेश के पात्र परिवारों, पूर्व अग्निवीरों, किसानों और शहरी यात्रियों पर पड़ सकता है। हालांकि, प्रत्येक योजना का लाभ संबंधित नियमों, पात्रता और विभागीय आदेशों के अनुसार मिलेगा।
1. होली और दिवाली पर मिलेगा मुफ्त LPG सिलेंडर
योगी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को साल में दो मुफ्त LPG सिलेंडर रिफिल देने की योजना जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत एक मुफ्त रिफिल दिवाली और दूसरा होली के अवसर पर दिया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना पर 2,142.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रसोई गैस उपलब्ध कराने में मदद करना और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करना है।
योजना के तहत पहला मुफ्त रिफिल अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दिवाली के अवसर पर और दूसरा जनवरी से मार्च 2027 के बीच होली के अवसर पर दिया जाएगा।
इसका लाभ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगा, जिनका बैंक खाता आधार से लिंक है और आधार प्रमाणीकरण पूरा है। इसलिए लाभार्थियों को अपने बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी सही रखने की जरूरत होगी।
सरकार का कहना है कि स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल से लकड़ी, कोयले और अन्य पारंपरिक ईंधनों के धुएं से होने वाली परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।
स्रोत: आईएएनएस की रिपोर्ट।
2. अग्निवीरों को चार विभागों में 20 प्रतिशत आरक्षण
कैबिनेट का एक प्रमुख फैसला पूर्व अग्निवीरों की भर्ती से संबंधित है। सरकार ने प्रदेश के चार विभागों में संबंधित सिपाही पदों की भर्ती के लिए अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
इन विभागों में शामिल हैं:
- उत्तर प्रदेश पुलिस
- वन विभाग
- कारागार विभाग
- परिवहन विभाग
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, इन भर्तियों के लिए संबंधित नियमावलियों में संशोधन किया गया है। पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम तीन वर्ष की आयु छूट देने का भी प्रावधान किया गया है। इससे निर्धारित पात्रता के अनुसार उन्हें 25 वर्ष की सामान्य आयु सीमा के बजाय 28 वर्ष तक भर्ती का अवसर मिल सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन पदों के लिए पूर्व अग्निवीरों को लिखित और शारीरिक परीक्षा से छूट देने का प्रावधान भी किया गया है। हालांकि, उन्हें निर्धारित मेडिकल फिटनेस प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसका लाभ भर्ती के संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों के अधीन मिलेगा।
पूर्व अग्निवीरों को क्या फायदा होगा?
अग्निपथ योजना के तहत सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं के सामने सेवा के बाद रोजगार हासिल करना एक महत्वपूर्ण चुनौती रहती है। राज्य सरकार का यह फैसला उन्हें पुलिस और अन्य संबंधित विभागों में भर्ती के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम है।
आरक्षण और आयु छूट से पात्र उम्मीदवारों को सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने का अतिरिक्त अवसर मिल सकता है। हालांकि, चयन के लिए संबंधित पदों की अधिसूचना, पात्रता और लागू भर्ती नियमों का पालन करना होगा।
स्रोत: लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट।
3. किसानों के लिए धान खरीद नीति को मंजूरी
कैबिनेट ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP योजना के तहत धान खरीद नीति को भी मंजूरी दी है।
धान खरीद नीति के माध्यम से सरकार सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों से धान खरीदने की प्रक्रिया निर्धारित करती है। इसमें खरीद की व्यवस्था, केंद्रों का संचालन, किसानों का पंजीकरण और भुगतान जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
किसानों के लिए यह फैसला इसलिए अहम है, क्योंकि सरकारी खरीद व्यवस्था से उन्हें अपनी उपज निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलता है। हालांकि, खरीद की तारीखें, फसल की श्रेणियां, पंजीकरण और भुगतान संबंधी विस्तृत नियमों के लिए विभागीय आदेश देखना जरूरी होगा।
कैबिनेट से जुड़ी रिपोर्टों में मक्का के न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा का भी उल्लेख है। किसानों को मक्का की खरीद और लागू दर से संबंधित अंतिम जानकारी आधिकारिक खरीद नीति से प्राप्त करनी चाहिए।
स्रोत: दैनिक जागरण की रिपोर्ट।
4. 18 नगर निगम क्षेत्रों में चलेंगी 1,725 इलेक्ट्रिक बसें
शहरों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। ये बसें प्रदेश के 18 नगर निगम क्षेत्रों में संचालित करने की योजना का हिस्सा हैं।
इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से शहरी यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का अतिरिक्त विकल्प मिल सकता है। साथ ही, पारंपरिक ईंधन से चलने वाले वाहनों की तुलना में स्थानीय स्तर पर धुएं के उत्सर्जन को कम करने में मदद मिल सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, बसों की खरीद के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें निविदा प्रक्रिया में सबसे कम दर देने वाली कंपनी से 50 प्रतिशत बसें खरीदी जाएंगी। शेष बसें उत्तर प्रदेश में बस निर्माण करने वाली कंपनी से खरीदने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, बसों की खरीद, आपूर्ति और संचालन की वास्तविक समयसीमा संबंधित विभाग की निविदा और कार्ययोजना जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।
5. स्टार्टअप से सरकारी खरीद को बढ़ावा
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप क्रय योजना-2026 को भी मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विभागों की खरीद प्रक्रिया में स्टार्टअप को अवसर उपलब्ध कराना है।
नई कंपनियों और स्टार्टअप के पास तकनीक, सॉफ्टवेयर, डिजिटल सेवाओं और अन्य नवाचार आधारित उत्पाद हो सकते हैं। सरकारी खरीद में अवसर मिलने से इन कंपनियों को अपने उत्पादों का विस्तार करने और सरकारी संस्थानों के साथ काम करने का मौका मिल सकता है।
हालांकि, योजना के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप, खरीद की सीमा और चयन प्रक्रिया जैसी विस्तृत शर्तें संबंधित शासनादेश से स्पष्ट होंगी।
6. उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन यानी UP-AIM की स्थापना, क्रियान्वयन और संचालन से संबंधित प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग सरकारी सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। राज्य स्तर पर मिशन स्थापित करने का उद्देश्य तकनीक से जुड़ी पहलों के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार करना है।
इस मिशन के तहत कौन-सी परियोजनाएं शुरू होंगी, कितना बजट निर्धारित किया जाएगा और आम लोगों को इसका लाभ किस तरह मिलेगा, इसकी जानकारी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद सामने आएगी।
7. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अतिरिक्त साड़ी
कैबिनेट ने प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बाल पोषण, प्रारंभिक देखभाल और सामुदायिक स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भूमिका निभाती हैं। अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराने का फैसला उनके लिए वस्त्र संबंधी सहायता के रूप में देखा जा सकता है।
लाभार्थियों की संख्या, वितरण की समयसीमा और अन्य प्रक्रियागत विवरण संबंधित विभाग की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट होंगे।
8. भदोही का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने का प्रस्ताव
कैबिनेट ने भदोही जिले का नाम बदलकर ‘संत रविदासनगर भदोही’ करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
भदोही कालीन उद्योग के लिए देश और विदेश में पहचान रखता है। जिले के नाम में संत रविदास का नाम दोबारा शामिल करने का निर्णय प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बना है।
नाम परिवर्तन के लिए कैबिनेट की मंजूरी के बाद औपचारिक अधिसूचना और प्रशासनिक अभिलेखों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। नए नाम का आधिकारिक इस्तेमाल संबंधित अधिसूचना के अनुसार होगा।
9. जेवर एयरपोर्ट के नामकरण का प्रस्ताव
कैबिनेट के फैसलों में जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भी शामिल बताया गया है।
यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश के विमानन और औद्योगिक विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण परियोजना है। नामकरण से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसकी औपचारिक प्रक्रिया और आवश्यक अनुमोदनों की स्थिति संबंधित सरकारी दस्तावेजों से स्पष्ट होगी।
10. अन्य प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
39 प्रस्तावों वाली इस बैठक में औद्योगिक विकास, भवन विनियम, सार्वजनिक परिवहन, कृषि और अन्य विभागों से जुड़े फैसले भी शामिल रहे। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम, 2026 के क्रियान्वयन और उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 से संबंधित प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
इन फैसलों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर होगी। किसी योजना के लिए पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, वित्तीय लाभ या लागू होने की तारीख जानने के लिए संबंधित सरकारी आदेश देखना जरूरी होगा।
कैबिनेट के फैसलों का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
इन फैसलों का संभावित असर अलग-अलग वर्गों पर पड़ेगा। उज्ज्वला योजना के पात्र परिवारों को साल में दो मुफ्त रिफिल मिल सकते हैं। पूर्व अग्निवीरों को चार विभागों में संबंधित पदों पर भर्ती के लिए आरक्षण और आयु छूट का लाभ मिल सकता है। किसानों के लिए धान खरीद नीति सरकारी खरीद की व्यवस्था तय करेगी, जबकि इलेक्ट्रिक बसों से शहरी परिवहन विकल्प बढ़ाने की योजना है।
स्टार्टअप क्रय योजना और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन तकनीकी कारोबार तथा सरकारी सेवाओं के विकास से जुड़े हैं। वहीं, भदोही का नाम परिवर्तन और जेवर एयरपोर्ट का नामकरण प्रशासनिक प्रक्रिया के अगले चरणों पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष: 9 अक्टूबर 2026 की यूपी कैबिनेट बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुफ्त LPG रिफिल, पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण, धान खरीद नीति और इलेक्ट्रिक बसों की योजना प्रमुख फैसलों में शामिल हैं। इनका वास्तविक लाभ संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं, पात्रता और क्रियान्वयन की समयसीमा के अनुसार मिलेगा।
यह खबर 9 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। योजनाओं की विस्तृत शर्तों और लागू होने की तारीखों में बदलाव होने पर संबंधित सरकारी आदेश को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।