Lucknow News: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को लखनऊ में गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया। उन्होंने सुबह चल मंदिर (गाड़ी में बनाए गए मंदिर) में पूजा-अर्चना की और उसके बाद आशियाना स्थित स्मृति उपवन में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। दोपहर 2 बजे यहां से अभियान की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
शंकराचार्य ने बताया कि वे कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर ठहरे हुए थे और तय समय के अनुसार दोपहर में यहां आना था। लेकिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनसे मिलने पहुंचने लगे, जिसके कारण वे सुबह ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए।
वाराणसी से शुरू हुई यात्रा
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 6 मार्च को वाराणसी से अपनी यात्रा शुरू की थी और मंगलवार शाम लखनऊ पहुंचे थे। पहले यहां तीन दिवसीय गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे एक दिन में ही समेट दिया गया।
वे आज लखनऊ में ही रात्रि विश्राम करेंगे और गुरुवार सुबह की फ्लाइट से अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे।
शंकराचार्य की 5 बड़ी बातें
1. लक्ष्य पूरा होने तक प्रयास जारी
शंकराचार्य ने कहा कि जब तक यह नहीं कहा जा सके कि हम उस देश के निवासी हैं जहां गोहत्या नहीं होती, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल होने तक रुकना या थकना संभव नहीं है।
2. योगी राज में भी धर्म के लिए जजिया कर देंगे
प्रशासन की उस शर्त पर कि कार्यक्रम का स्थान किराया और अन्य खर्च आयोजक देंगे, उन्होंने कहा कि खर्च भी हम ही उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जैसे मुगलों के समय जजिया कर देकर धर्म का पालन किया जाता था, वैसे ही आज भी धर्म के लिए कोई भी कीमत चुकानी पड़े तो तैयार हैं।
3. गाय की रक्षा के लिए जितना चलना पड़े, कम है
शंकराचार्य ने कहा कि गाय की रक्षा के लिए जितना भी चलना पड़े, वह कम है। अगर लक्ष्य से पहले ही दूरी देखकर थक जाएंगे तो मंजिल हासिल नहीं होगी।
4. किसी राजनीतिक दल को निमंत्रण नहीं
उन्होंने कहा कि अभियान में किसी राजनीतिक दल को आमंत्रित नहीं किया गया है। उनके अनुसार हिंदू और गो-भक्त हर दल में हैं, जो भी गोमाता के लिए आना चाहे, उसका स्वागत है।
5. सच्चा हिंदू समय निकालकर आएगा
शंकराचार्य ने कहा कि जो सच्चा हिंदू होगा, वह समय निकालकर इस अभियान में शामिल होगा। जो नहीं आ पाएगा, वह जहां है वहीं से शंख बजाकर समर्थन कर सकता है।








