लखनऊ नगर निगम में विशेष सदन की बैठक के दौरान भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। यह हंगामा उस समय शुरू हुआ जब कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने बैठक का एजेंडा उपलब्ध न कराने पर विरोध जताया।उनका आरोप था कि बिना एजेंडा साझा किए ही पार्षदों को सदन में बुला लिया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
अन्नू मिश्रा और कांग्रेस पार्षदों में तकरार
बैठक के दौरान भाजपा पार्षद अन्नू मिश्रा के बोलने पर कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति जताई। मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि वे बार-बार न बोलें। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि अन्य पार्षदों को बीच-बचाव करना पड़ा। इसी दौरान कांग्रेस पार्षद ममता रावत अन्नू मिश्रा के करीब पहुंचीं और माहौल शांत कराने की कोशिश की।
बिना एजेंडा बुलाने पर सभी पार्षदों का विरोध
नगर निगम की इस बैठक को “विशेष सदन” का नाम दिया गया था। लेकिन कई पार्षदों का कहना था कि उन्हें केवल बैठक की सूचना दी गई, एजेंडा साझा नहीं किया गया।सभी दलों के पार्षदों ने इस प्रक्रिया पर नाराजगी जताई और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के विपरीत बताया।
इन अहम प्रस्तावों पर होनी है मंजूरी
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी प्रस्तावित थी:
वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट को स्वीकृति
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने का प्रस्ताव
हरिहरपुर में सीएमओ कार्यालय के लिए भूमि आवंटन हेतु एनओसी जारी करना
इन मुद्दों को लेकर पहले से ही राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है, जिसके चलते लखनऊ नगर निगम हंगामा अब यूपी की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।








