लखनऊ के गोमती नगर इलाके से एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। वीडियो में बेदीराम, जो कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक हैं, पर नगर निगम के लेखपाल को फोन पर धमकाने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा है।यह पूरा मामला गोमती नगर के भरवारा स्थित गंगोत्री विहार फेज-2 में नाले की जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई से जुड़ा है।
लेखपाल और पार्षद से कथित तौर पर गाली-गलौज
आरोप है कि नगर निगम की टीम जब नाले से अवैध कब्जा हटाने पहुंची, तब विधायक के बेटे और भतीजे मौके पर पहुंचे। इसके बाद लेखपाल कौशल को फोन पर विधायक से बात करवाई गई, जहां कथित तौर पर उन्हें धमकाया गया।
स्थानीय पार्षद ममता रावत का कहना है कि विधायक ने उनके लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अब मेयर से मुलाकात के बाद आगे की कार्रवाई का एजेंडा तैयार किया जाएगा।
लेखपाल कौशल बोले – कार्रवाई नहीं हुई तो नौकरी छोड़ दूंगा
लेखपाल कौशल ने साफ कहा है कि वे इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। उनका कहना है कि अगर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे नौकरी छोड़ने तक को तैयार हैं।
विधायक बेदीराम ने आरोपों को बताया गलत
विधायक बेदीराम ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो में उनकी आवाज नहीं है और उन्होंने केवल अपने बच्चों से बातचीत की थी। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम नियमों के अनुसार ही जमीन ले, किसी की निजी संपत्ति नहीं।
नाले की जमीन पर कब्जे से जलभराव की समस्या
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विधायक का मैरिज हॉल नाले की जमीन पर बना है और करीब 6 फीट तक बाउंड्रीवाल आगे बढ़ाकर नाले को संकरा कर दिया गया है। इससे इलाके में भारी जलभराव हो रहा है और 30 से 40 हजार लोग प्रभावित हो रहे हैं।
मेयर सुषमा खर्कवाल का सख्त रुख
सुषमा खर्कवाल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी पद पर हो, अगर सरकारी जमीन पर कब्जा करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह नाला नगर निगम द्वारा निर्मित किया जाना है और किसी भी तरह का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







