उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां 10वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि छात्र स्कूल में प्रैक्टिकल की फाइल जमा नहीं कर सका था, जिसको लेकर मां की डांट से वह मानसिक रूप से आहत हो गया।
प्रैक्टिकल फाइल न जमा करने पर मिला था स्कूल का मैसेज
पुलिस के अनुसार, आलमबाग के पुराना सरदारी खेड़ा इलाके में रहने वाला 16 वर्षीय प्रतीक आनंद अपनी मां आशा देवी और बड़े भाई प्रसार आनंद के साथ रहता था। प्रतीक पवनपुरी स्थित एक निजी स्कूल में 10वीं का छात्र था। उसके पिता कृष्णकांत आनंद का वर्ष 2009 में बीमारी के चलते निधन हो चुका था।
परिजनों के मुताबिक, प्रतीक पढ़ाई में कमजोर था और स्कूल में प्रैक्टिकल की फाइल समय पर जमा नहीं कर पाया था। स्कूल प्रबंधन की ओर से कई बार उसे फाइल जमा करने की हिदायत दी गई, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद स्कूल ने उसकी मां को मैसेज भेजकर चेतावनी दी कि अगर फाइल जमा नहीं हुई तो छात्र का साल खराब हो सकता है।
मां की डांट से आहत हुआ किशोर
स्कूल का मैसेज मिलने के बाद मंगलवार शाम मां आशा देवी ने बेटे को फटकार लगाई। डांट से आहत प्रतीक पढ़ाई करने की बात कहकर अपने कमरे में चला गया।
कमरे में नहीं मिला जवाब, टूटा दरवाजा
शाम करीब 6 बजे जब मां ने प्रतीक को आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आने पर बड़े बेटे और पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया।
दुपट्टे से लगाया था फंदा
कमरे के अंदर प्रतीक दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटका मिला। परिजन तुरंत उसे नीचे उतारकर लोकबंधु अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में जुटी
अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक आलमबाग रविंद्र भदौरिया के अनुसार, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। परिजनों की ओर से फिलहाल किसी पर आरोप नहीं लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।








