Flight Crash News: एयर होस्टेस पिंकी माली की मौत से जौनपुर में मातम, पिता बोले– झोपड़पट्टी से उठकर बेटी ने नाम रोशन किया
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के भैंसा गांव में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। जिस गांव को अपनी बेटी पर गर्व था, उसी बेटी को एक भीषण विमान हादसे ने छीन लिया। प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट में एयर होस्टेस के रूप में कार्यरत पिंकी माली की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, हर आंख नम हो गई।
यह हादसा महाराष्ट्र के बारामती में हुआ, जहां लैंडिंग के दौरान निजी विमान क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मुंबई में बनाया करियर, गांव से नहीं टूटा नाता
पिंकी माली जौनपुर के भैंसा गांव की रहने वाली थीं और पिछले कई वर्षों से मुंबई में एविएशन सेक्टर में काम कर रही थीं। जैसे ही यह पुष्टि हुई कि विमान हादसे में पिंकी भी शामिल थीं, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
पिंकी के पिता शिवकुमार माली, जो खुद राजनीति से जुड़े रहे हैं, बेटी को खोने के बाद पूरी तरह टूट चुके हैं। कांपती आवाज में उन्होंने कहा, “हम झोपड़पट्टी वाले हैं, लेकिन मेरी बेटी ने जो मुकाम हासिल किया, उस पर मुझे बहुत गर्व था।”
उन्होंने बताया कि पिंकी पिछले आठ साल से एयर होस्टेस के तौर पर काम कर रही थीं। शुरुआती तीन साल उन्होंने अंधेरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बिताए, इसके बाद प्रमोशन के बाद कलीना-सांताक्रूज स्थित प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट्स में तैनात हो गईं।
VIP उड़ानों का रहा अनुभव
पिता के मुताबिक पिंकी बीते पांच वर्षों से प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट्स में कार्यरत थीं और कई वीआईपी यात्राओं का हिस्सा रहीं। वह चार बार अजित पवार के साथ उड़ान भर चुकी थीं। इसके अलावा वह देवेंद्र फडणवीस, बावन कुले, प्रधानमंत्री के भाई प्रह्लाद मोदी और यहां तक कि राष्ट्रपति के साथ भी प्राइवेट चार्टर्ड फ्लाइट में ड्यूटी कर चुकी थीं।
हादसे से पहले पिता से आखिरी बातचीत
हादसे से एक दिन पहले पिंकी ने अपने पिता से फोन पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “पापा, मैं अजित दादा पवार के साथ बारामती जाऊंगी, उन्हें ड्रॉप कर नांदेड़ चली जाऊंगी, फिर होटल से फोन करूंगी।”
पिता बताते हैं कि अगली सुबह जब फ्लाइट क्रैश की खबर आई और पिंकी का नाम सामने आया, तो सब कुछ खत्म-सा हो गया।
गांव और परिवार में शोक
पिंकी हाल ही में मालदीव की फ्लाइट ड्यूटी से लौटी थीं। उनका कामकाजी रिकॉर्ड शानदार था और हाल ही में उन्हें प्रमोशन भी मिला था। गांव के प्रधान के अनुसार, पिंकी हर साल दुर्गा पूजा में गांव आती थीं और पूजा-पंडाल की तैयारियों में हिस्सा लेती थीं।करीब एक साल पहले पिंकी की शादी गोरखपुर में हुई थी। करियर, परिवार और सपनों से भरी जिंदगी एक झटके में खत्म हो गई।







