लखनऊ में सफाई व्यवस्था फेल, 2 दिन की सैलरी कटी; मंत्री–मेयर ने लिया एक्शन
लखनऊ के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। इसका नज़ारा शुक्रवार सुबह तब सामने आया, जब सुरेश खन्ना और सुषमा खर्कवाल शहर में निरीक्षण पर निकले। जोन-1 के निरीक्षण के दौरान विक्रमादित्य वार्ड, लाल कुआं वार्ड, जेसी बोस वार्ड, यदुनाथ सानयाल वार्ड और बाबागंज में गंदगी और अतिक्रमण देखकर प्रभारी मंत्री ने नाराज़गी जताई और कहा— “यह स्थिति अच्छी नहीं है, यहां तत्काल सफाई की जरूरत है।”
मेयर का बयान: “एक महीने से झाड़ू नहीं लगी”
निरीक्षण के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा— “ऐसा लगता है कि यहां एक महीने से झाड़ू ही नहीं लगी।” इस पर प्रभारी मंत्री ने जोनल अधिकारी से लेकर सुपरवाइज़र तक का दो दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए और इलाके पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। निरीक्षण में गौरव कुमार भी मौजूद रहे।
मंत्री–मेयर को देखते ही हरकत में आया अमला
मंत्री और मेयर के पहुंचते ही जोन के अधिकारी सक्रिय हुए और मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके बावजूद कई स्थानों पर सड़क पर गोबर और कूड़े के ढेर मिले, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी साफ दिखी।
स्थानीय लोगों की शिकायतें: रोज झाड़ू लगती है, सफाई नहीं
मेयर ने आसपास के लोगों से व्यवस्था के बारे में पूछा तो शिकायतों की झड़ी लग गई। लोगों ने बताया कि रोज़ झाड़ू तो लगती है, लेकिन गंदगी उठाई नहीं जाती। सुनवाई न होने से मोहल्लों में गंदगी बढ़ रही है। लोगों ने सड़क पर पड़ा गोबर भी दिखाया।
अतिक्रमण और ड्रेनेज पर सख्त निर्देश
प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि PWD कार्यशाला रोड पर अतिक्रमण है। कई जगह नालियों के भीतर से पेयजल लाइन गुजर रही है, जिसे दुरुस्त किया जाए। जलकल परिसरों के पास कूड़े के ढेर और ट्रांसफॉर्मरों के आसपास गंदगी पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 30 जनवरी के बाद दोबारा निरीक्षण होगा और ड्रेनेज व्यवस्था सुधारना प्राथमिकता रहेगी।








