केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को असम के एक दिन के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। दौरे की शुरुआत गुवाहाटी के शहीद स्मारक क्षेत्र में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की।
शाह ने नगांव जिले में वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव के जन्मस्थान बटाद्रवा का उद्घाटन किया, जिसे 227 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, और राज्य के संस्कृति मंत्री बिमल बोरा भी मौजूद थे।
बटाद्रवा परियोजना का उद्देश्य न केवल इसे ऐतिहासिक स्थल बनाना है, बल्कि इसे प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करना है। इस स्थल पर महापुरुष शंकरदेव से जुड़े जीवन, आदर्शों और कलात्मक विरासत को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह परियोजना असम की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
अतिक्रमण मुक्त जमीन और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान:
अमित शाह ने बोरदुरवा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि असम में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों से 1 लाख बीघा से ज्यादा जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी पूरे देश से सभी घुसपैठियों की पहचान और उन्हें हटाने का संकल्प लेती है।
शाह ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक घुसपैठियों को बढ़ावा दिया और असम आंदोलन के शहीदों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पूरे भारत से घुसपैठियों की पहचान की जाएगी।








