लखनऊ में डॉक्टर आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर बसपा की ओर से भव्य श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। अंबेडकर पार्क में हुए इस कार्यक्रम में बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल सहित यूपी के 12 मंडलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे।
कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि बसपा कार्यकर्ता सुप्रीमो के निर्देश पर एकजुट हुए हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव में मायावती को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया गया है।
सपा–भाजपा के कार्यक्रम को बताया ‘नाटक’
श्रद्धांजलि सभा के दौरान बसपा नेताओं ने कहा कि बसपा ही वह राजनीतिक दल है जो डॉ. आंबेडकर के विचारों और संविधान की मूल भावना पर चलती है।उनके अनुसार, अन्य दलों द्वारा आयोजित कार्यक्रम “औपचारिकता और नाटक” की तरह हैं, जबकि बसपा बाबा साहब के मिशन को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।अंबेडकर पार्क में मौजूद कार्यकर्ताओं ने आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
2027 में सरकार बनाने का दावा—भीड़ को बताया आंदोलन की ताकत
सभा में पहुंचे कार्यकर्ताओं का कहना था कि भीड़ यह साबित करती है कि बसपा का सामाजिक आंदोलन आज भी मजबूत है।उनका कहना था कि:
2027 में बसपा की सरकार बनाने का लक्ष्य तय है
बाबा साहब और कांशीराम की विचारधारा ही बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ रही है
आंदोलन के माध्यम से पार्टी को और मजबूत किया जाएगा
कार्यकर्ताओं का यह भी कहना था कि नेतृत्व कभी निष्क्रिय नहीं रहा, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार रणनीति बनाकर संगठन को सक्रिय रखा गया है।
मुस्लिम समुदाय व अन्य वर्गों का समर्थन होने का दावा
कार्यक्रम में मौजूद बसपा समर्थकों का कहना था कि पार्टी के साथ आज दलित, पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम समुदाय एकजुट हैं।उनके अनुसार:
2027 के चुनाव की तैयारी तेज कर दी गई है
पार्टी ने सभी समुदायों को जोड़ने का अभियान शुरू किया है
बसपा सरकार बनने पर “कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, दंगे नहीं होंगे”
कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुस्लिम समाज भी अब बसपा के साथ खड़ा है और 2027 के चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाएगा।








