लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन पर कुलियों का बड़ा प्रदर्शन, नौकरी व बैटरी कार संचालन को लेकर उठाई आवाज
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर कुलियों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि स्टेशन पर लगातार बढ़ती समस्याओं के कारण उनकी रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। वर्षों से मांग उठाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही। यह विरोध राष्ट्रीय कुली मोर्चा के बैनर तले आयोजित किया गया।
कुलियों ने 2008 की तर्ज पर फिर से नौकरी देने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि स्टेशन पर बैटरी कारों का संचालन गलत तरीके से किया जा रहा है। इन वाहनों से यात्रियों का सामान ढोया जा रहा है, जबकि यह सुविधा सिर्फ दिव्यांग और बीमार यात्रियों के लिए होनी चाहिए।
रेलवे बोर्ड के नियम लागू न होने पर कुलियों का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रेलवे मंत्रालय की ओर से कुलियों के लिए दी गई सुविधाओं—जैसे बच्चों की शिक्षा, गेस्ट हाउस और मेडिकल सहायता—को स्टेशन पर लागू नहीं किया जा रहा है।उनका आरोप है कि स्टेशन पर ई-रिक्शा और बैटरी कारों को मनमाने तरीके से चलाया जा रहा है, जिससे कुलियों के काम पर सीधा असर पड़ रहा है।
कुलियों का कहना है कि विरोध करने पर प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई करता है, जिससे उनके सामने रोज़गार खोने का खतरा बढ़ गया है। उनका आरोप है कि रेलवे मंत्रालय के नियमों की अनदेखी कर उनकी आजीविका छीनी जा रही है।
बैटरी कार से काम प्रभावित, नौकरी समायोजन की मांग
कुलियों ने कहा कि स्टेशन पर बैटरी कार चलने के कारण सामान ढोने का काम कम हो गया है, जिससे उनकी आय पर गंभीर असर पड़ा है। उनका कहना है कि बैटरी कार का उपयोग केवल उन यात्रियों के लिए होना चाहिए, जो चलने में असमर्थ हों, लेकिन वर्तमान में हर तरह के यात्रियों को सुविधा दी जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पढ़े-लिखे हैं और यदि रेलवे चाहे तो उन्हें ग्रुप-डी के पदों में समायोजित किया जा सकता है। समायोजन के बाद वे रेलवे द्वारा दिया गया कोई भी काम करने के लिए तैयार हैं।








