राजस्थान पुलिस के ताज़ा डोजियर ने देशभर में सक्रिय अपराधी गिरोहों के व्यापक नेटवर्क को फिर से उजागर किया है। इस डोजियर का केंद्र एक कुख्यात गैंग से जुड़े प्रमुख सदस्य पर है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय नेटवर्क संचालित करता है। मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का क्षेत्र का रहने वाला यह अपराधी लंबे समय से भारत और विदेशों में गैंग ऑपरेशन्स को नियंत्रित करता रहा है।
कैसे जुड़ा गैंग नेटवर्क से
2011 के आसपास एक विश्वविद्यालय आधारित संगठन के गठन से गैंग नेटवर्क की शुरुआत हुई। इसके बाद बढ़ती आपराधिक गतिविधियों, विरोधी गैंगों के बीच संघर्ष और फिरौती मामलों ने पूरे उत्तर भारत में गैंगवार को तेज कर दिया।
2016 में पढ़ाई के लिए भेजे जाने के बाद भी उसके खिलाफ हमले, अवैध हथियार रखने और धमकी मामलों में कई मुकदमे दर्ज हुए। धीरे-धीरे उसने अपने नेटवर्क को राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में सक्रिय वसूली और अन्य आपराधिक गतिविधियों में विस्तार दिया।
जेल से चलता रहा ऑपरेशन—बाहर से विदेश आधारित नेटवर्क सक्रिय
मुख्य गैंग लीडर कई वर्षों से जेल में है, लेकिन गिरोह की गतिविधियां लगातार जारी रहीं।
जेल से निर्देश दिए जाते
विदेश से सहयोगी नेटवर्क को संचालित करते
फायरिंग, धमकी और अन्य वारदातों को समन्वित किया जाता
सोशल मीडिया के माध्यम से कई वारदातों की जिम्मेदारी ली जाती, जिससे गिरोह का खौफ फैलता और नए युवाओं को अपराध की ओर आकर्षित करने की कोशिश होती।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला नेटवर्क
डोजियर के मुताबिक गिरोह का नेटवर्क निम्न देशों तक फैला है:
पुर्तगाल
इटली
अमेरिका
बुल्गारिया
तुर्की
दुबई
गिरोह निम्न गतिविधियों के जरिए नेटवर्क संचालित करता था—
इंटरनेशनल मोबाइल नंबर और VPN की सुविधा
फरार आरोपियों के लिए सुरक्षित ठिकाने
उच्च गुणवत्ता वाले अवैध हथियारों की आपूर्ति
ड्रग सप्लाई
नए शूटर्स की पहचान और ट्रेनिंग
अपराध की कमाई को ठिकाने लगाना
फर्जी आईडी तैयार करवाना
नाबालिगों को आपराधिक गतिविधियों में शामिल करना
दो राज्यों में 31 केस — कई हाई-प्रोफाइल शूटआउट में शामिल
डोजियर के अनुसार उस पर राजस्थान और पंजाब में करीब 31 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। केवल राजस्थान में ही 22 केस—
हत्या
हत्या की कोशिश
आर्म्स एक्ट
फिरौती जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय नंबर और VOIP कॉल्स का उपयोग कर उसने विदेश से कई आपराधिक वारदातें संचालित कीं। गैंग द्वारा किए गए तीन बड़े शूटआउट में कुल 6 लोगों की हत्या हुई, जिनमें हाई-प्रोफाइल मामले भी शामिल थे।
गैंग में नाबालिगों का उपयोग
डोजियर में यह भी उल्लेख है कि गिरोह ने कई नाबालिगों को विदेश भेजने का लालच देकर उन्हें रेकी, हथियार पहुंचाने और फायरिंग जैसी वारदातों में शामिल किया।
जारी है गिरफ्तारी वारंट
वर्तमान में आरोपी के खिलाफ राजस्थान में 2022 से एक खुली तारीख का गिरफ्तारी वारंट लंबित है और जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।








