बिहार चुनाव में करारी हार के बाद लालू परिवार में दरार, रोहिणी आचार्य ने राजनीति से दूरी और परिवार से अलग होने की घोषणा
बिहार विधानसभा चुनाव में RJD की बड़ी हार के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में गंभीर मतभेद उभरकर सामने आए हैं। पार्टी को जहां 2020 के मुकाबले भारी नुकसान हुआ, वहीं लालू प्रसाद की दूसरी बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से दूरी बना रही हैं।परिवार सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय चुनावी प्रदर्शन और आंतरिक मतभेदों के बाद सामने आया है।
RJD को सिर्फ 25 सीटें, हार के बाद बढ़ी अंदरूनी खींचतान
नए चुनाव परिणामों में RJD को मात्र 25 सीटें मिली हैं, जबकि 2020 में पार्टी के पास 75 सीटें थीं।
तेजप्रताप यादव करीब 50 हजार वोटों से हार गए।
तेजस्वी यादव कड़ी टक्कर में अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।
चुनाव नतीजों के तुरंत बाद RJD के भीतर संगठनात्मक फैसले और रणनीति को लेकर मतभेद तेज हो गए।
संजय यादव की भूमिका पर परिवार में असहमति—रिपोर्ट्स में दावा
मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव के बाद RJD सांसद और रणनीतिकार माने जाने वाले संजय यादव को लेकर परिवार में मतभेद बढ़ा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि:
तेजप्रताप यादव ने पोस्ट कर “जयचंदों ने राजद को खोखला किया” लिखा था।
उनके बयान को संजय यादव की ओर इशारा माना गया।
परिवार के अलग-अलग सदस्यों के बीच संजय की बढ़ती भूमिका चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
रोहिणी आचार्य का सोशल मीडिया व्यवहार भी चर्चा में
रोहिणी आचार्य ने राजनीति छोड़ने की घोषणा से पहले:
परिवार और पार्टी के कई सदस्यों को अनफॉलो कर दिया था।
सितंबर में उन्होंने एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें लालू और तेजस्वी के साथ किसी अन्य व्यक्ति के फ्रंट सीट पर बैठने पर सवाल उठाए गए थे।
इस पोस्ट के बाद ही उनके नाराज होने की खबरें चर्चा में आई थीं।
तेजप्रताप यादव और संगठनात्मक फैसलों को लेकर पुराना विवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार:
तेजप्रताप पिछले कुछ समय से पार्टी के अंदर लिए जा रहे फैसलों को लेकर नाराज थे।
हाल के दिनों में उन्होंने सोशल मीडिया पर कई संकेतात्मक पोस्ट किए, जिन्हें पार्टी रणनीति पर टिप्पणी माना गया।
परिवार और पार्टी में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।
हार के बाद RJD में नेतृत्व और रणनीति पर सवाल
चुनाव में करारी हार के बाद RJD के भीतर:
नेतृत्व मॉडल,
रणनीतिक फैसले,
प्रचार प्रबंधन,
और परिवार की एकता
जैसे मुद्दे बड़े विवाद का कारण बने हुए हैं।राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में RJD की आंतरिक राजनीति और अधिक स्पष्ट होगी।








