22 घंटे की नोट गिनती और टूटा ड्रग नेटवर्क
उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर धाकड़ IPS अफसर की अगुवाई में ड्रग माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।एक घर में की गई छापेमारी में 2 करोड़ से अधिक नकदी, 6 किलो गांजा और 577 ग्राम स्मैक बरामद हुई।
पुलिस को 22 घंटे तक नोट गिनने पड़े, क्योंकि नकदी की मात्रा इतनी थी कि गिनती खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक, यह अब तक की सबसे बड़ी कैश रिकवरी और ड्रग तस्करी नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार है।बरामदगी की कुल कीमत करीब ₹3 करोड़ आंकी गई है।
ऑपरेशन का मास्टरप्लान और एक्शन मोड
इस ऑपरेशन की रणनीति खुद धाकड़ IPS अफसर ने तैयार की थी, जिन्होंने पहले भी माफिया नेटवर्क को ध्वस्त कर पुलिस कार्यशैली को नई दिशा दी थी।टीम ने मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की निगरानी की और पुख्ता इंटेलिजेंस जुटाने के बाद एक गुप्त योजना के तहत छापा मारा।पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से जेल से ही ड्रग रैकेट चला रहे थे।जब पुलिस टीम ने घर में दबिश दी, तो मौके से काले पॉलिथीन बैग्स में भरे गांजा, स्मैक और नकदी के बंडल बरामद हुए।गिनती के लिए कई मशीनें लगाई गईं, लेकिन नकदी खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी।
जेल से चलता था ड्रग साम्राज्य
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह का सरगना जेल के भीतर से ही नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था।उसके परिवार के सदस्य बाहर से सप्लाई और पैसों का लेनदेन संभालते थे।पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया और बरामद संपत्ति को जब्त कर लिया।अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़ा था जो राज्यों के बीच ड्रग्स और नकदी का कारोबार कर रहा था।
कुर्की और आर्थिक कमर तोड़ी गई
रिकॉर्ड के अनुसार, इस गिरोह की पहले भी 3 करोड़ से अधिक की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।इस नई बरामदगी के बाद ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह टूट गई है।पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल गिरफ्तारी नहीं बल्कि इनकी आर्थिक ताकत खत्म करना है।अब गिरोह के शेष सदस्यों की पहचान कर आगे की कार्रवाई और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
टेक्निकल सर्विलांस और ड्रोन से ट्रैकिंग
ऑपरेशन में ड्रोन निगरानी और तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल किया गया।कई दिनों तक लोकेशन ट्रैक की गई और ठोस सबूत मिलने पर टीम ने छापा मारा।पूरी कार्रवाई वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ की गई ताकि हर सबूत कानूनी रूप से सुरक्षित रहे।फॉरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल और नकदी का प्रमाणिक डेटा इकट्ठा किया।
ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त संदेश
धाकड़ IPS अफसर ने कहा कि ड्रग माफिया समाज के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं और इन्हें खत्म करना हमारी प्राथमिकता है।उन्होंने कहा —“हमारा लक्ष्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि इन अपराधियों की आर्थिक और सामाजिक ताकत दोनों खत्म करना है।”उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब कोई भी ड्रग तस्कर जेल से नेटवर्क नहीं चला पाएगा।








