लखनऊ में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर बीमा की रकम हड़पने वाले दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हजरतगंज पुलिस ने बताया कि दंपती ने बीमा कंपनी को पति की झूठी मौत दिखाकर 25 लाख रुपए का बीमा क्लेम लिया था।
मामला तब खुला जब बीमा कंपनी ने आंतरिक जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि जिसकी मृत्यु बताई गई थी, वह व्यक्ति जिंदा है और उसके नाम पर पेश किया गया मृत्यु प्रमाणपत्र पूरी तरह फर्जी है। यह प्रमाणपत्र एक ऑनलाइन वेबसाइट और मोबाइल एप की मदद से तैयार किया गया था और बाद में उसे प्रिंट करके जमा किया गया था।
बीमा कंपनी के अधिकारी ने इस धोखाधड़ी की जानकारी पुलिस को दी। जांच के बाद पता चला कि आरोपी दंपती लखनऊ में किराए के मकान में रहते थे और फर्जी कागजात बनवाकर बीमा क्लेम के पैसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए थे।
आरोपी ने वर्ष 2024 में नई बीमा पॉलिसी लेने के लिए आवेदन किया, जहां बैंक ने केवाईसी अपडेट करते समय पाया कि सिस्टम में वह “मृत” दिखाया जा रहा है। बैंक ने बीमा कंपनी को जानकारी दी, जिसके बाद पूरा घोटाला उजागर हुआ।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया, जहां उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया। जांच में पता चला कि उन्होंने टेलीग्राम और एक फर्जी वेबसाइट की मदद से मृत्यु प्रमाणपत्र बनाया था। पुलिस ने कहा कि इस जालसाजी में कुछ बीमा कंपनी कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला फर्जी दस्तावेजों और ऑनलाइन एप्स के जरिए बीमा ठगी करने का एक बड़ा उदाहरण है, जिसमें तकनीकी मदद से धोखाधड़ी की गई। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।








